流金岁月
又卖人了!倒贴选秀权!7500万压顶!掘金这么惨?_我的网站

A | डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी सरकार ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्कों को लागू ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने नए शुल्कों की एक अधिसूचना अपलोड की। वहीं, भारत सरकार अर्थव्यवस्था की निर्यात पर निर्भरता कम करने के लिए 'स्वदेशी' मंत्र पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीयों से "वोकल फॉर लोकल" बनने और भारतीय सामान खरीदने का आह्वान किया।,
तिरुपुर, नोएडा, सूरत में कपड़ा इकाइयों ने उत्पादन रोका
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त टैरिफ के कारण लागत प्रतिस्पर्धा में गिरावट के कारण तिरुपुर, नोएडा और सूरत के कपड़ा और परिधान निर्माताओं ने उत्पादन रोक दिया है।47 अरब डॉलर के निर्यात पर असर
अमेरिकी टैरिफ के कारण भारतीय निर्यातक अमेरिका के साथ अपने व्यापार में भारी गिरावट के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, 47 अरब डॉलर से ज्यादा मूल्य के उत्पादों पर 50% टैरिफ दर लागू होगी। इसमें 7 अगस्त से भारतीय आयातों पर लगाया गया 25% टैरिफ और रूस से भारत द्वारा तेल आयात पर दंड के रूप में लगाया गया 25% अतिरिक्त टैरिफ शामिल है।,अभी यह शुल्क 25 प्रतिशत का है। इसके अलावा पारस्परिक शुल्क से पहले लगने वाले शुल्क भी लगेंगे। जैसे कार्पेट निर्यात पर अप्रैल के पहले अमेरिका के बाजार में सिर्फ 2.9 प्रतिशत का शुल्क लगता था जो अब 52.9 प्रतिशत हो जाएगा।,इन इंडस्ट्रीज पर होगा बड़ा असर
इन क्षेत्रों को उठानी पड़ेगी परेशानी- शुल्क में इस बेतहाशा बढ़ोतरी से भारतीय वस्तुएं अमेरिका के बाजार में काफी महंगी हो जाएंगी और इससे भारत का 30-35 अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित होगा। मुख्य रूप से समुद्री उत्पाद खासकर झींगा, आर्गेनिक केमिकल्स, अपैरल, टेक्सटाइल मेड-अप्स, हीरे व सोने के जेवरात, मशीनरी और मैकेनिकल उपकरण, फर्नीचर और बेड जैसे आइटम के निर्यात प्रभावित होंगे।,इन क्षेत्रों को टैरिफ से मुक्त रखा गया है- फार्मा, स्मार्टफोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक और पेट्रोलियम उत्पाद के निर्यात को 50 प्रतिशत के शुल्क से मुक्त रखा गया है। अमेरिका कृषि, डेयरी व मत्स्य जैसे सेक्टर में भारतीय बाजार को पूरी तरह शुल्क मुक्त करवाना चाहता है।,तिरुपुर के निर्यातकों को 1.5 लाख नौकरियां जाने का डर
तमिलनाडु के तिरुपुर के निर्यातकों को बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती, कारखानों के बंद होने और कई हज़ार करोड़ रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इस औद्योगिक शहर में भारत से होने वाले कुल निटवियर निर्यात का लगभग 68% हिस्सा है और लगभग दस लाख लोग इसमें कार्यरत हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें लगभग 1.5 लाख नौकरियों का नुकसान और 12,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।,50% शुल्क के बाद अधिक प्रभावित होने वाले निर्यात और उन पर लगने वाले कुल शुल्क
- झींगा- 60 प्रतिशत
- कार्पेट- 52.9 प्रतिशत
- अपैरल निटेड- 63.9 प्रतिशत
- अपैरल वूवेन- 60.3 प्रतिशत
- टेक्सटाइल मेड अप- 59 प्रतिशत
- हीरे व सोने के आइटम- 52.1 प्रतिशत
- मशीनरी- 51.3 प्रतिशत
- फर्नीचर व बेड- 52.3 प्रतिशत

B | 续约之后,这位大个子依旧没能蜕变,依旧只能在轮换边缘徘徊;上赛季出战52场,场均仅仅12分钟,基础数据3.7分2.6篮板。当初最被看好的外线潜力,最近四个赛季更是分别为25.9%、32.7%、26.1%、26.2%。

C | 而尴尬的是,虽然剩余两年750万的年薪并不算高价,但对于踩过第二土豪线的掘金而言,这750万就完全是另一个概念了,直接成了必须清掉的包袱。 当然,掘金想处理纳吉也不是突然的想法了,自他续约后球队就在寻找交易机会,只不过一直没有合适下家;但到了今年夏天,情况就不同了。 沃特森离队、德罗赞加盟,球队薪资空间严重恶化,掘金现在已经没有选择,处理纳吉基本只是时间问题。 说到这里,就不得不提到前掘金总经理卡尔文·布斯了。 自2022年上任到2025年离任,这几年掘金的争议几乎都出自于他之手,续约纳吉,两年1060万签下沙里奇,放走布鲁斯·布朗、波普、杰夫·格林,打包3个次轮+雷吉换空气。 单独拿出来看,每一笔交易似乎都有理由,但是把这些操作全部串起来看,掘金的局面就相当残酷了,几乎就是在白白浪费约基奇的巅峰阶段。 在2023年夺冠后,本该是掘金强势往上的机会,但几年时间下来,掘金不仅没有补强,反而在不断做减法;核心越来越贵,替补越来越短,优质角色接连离队,球队直接从冠军热门,逐渐沦为首轮游球队。

D | 联系到这些,难免让人觉得遗憾。约基奇依然是MVP级别,依然是联盟最恐怖的进攻发动机,但尴尬的是,球队却没办法围绕他打造出争冠班底。 最后,把讨论留给球迷: 对于掘金这几年的操作,你如何评价呢?而对于纳吉,你觉得他该如何交易呢?。
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Published on:05:02:23








